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हड़प्पा सभ्यता के लिपि और लेखन कला ( Hadappa Sabhyata Ke Lipi )

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  • Post category:Ancient India
  • Post last modified:January 20, 2022
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हड़प्पा सभ्यता के लिपि और लेखन कला ( Script and Writing Art of the Harappan Civilization )

हड़प्पा सभ्यता के लिपि :— सैन्धवकालीन मुहरों से लिपि और धर्म की जानकारी मिलती है । सिन्धु लिपि यानि हड़प्पा सभ्यता का प्रचलित लिपि चित्राक्षर लिपि थी , जिसमें चित्रों के माध्यम से संचार होता था । इस लिपि को अभी तक पढ़ने में सफलता नहीं मिली है । ‘ सरस्वती लिपि ‘सबसे पहले की लिपि थी , उसके बाद ‘ ब्राह्मी लिपि ‘ आई । सिंधु घाटी की सभ्यता से सम्बन्धित छोटे-छोटे संकेतों के समूह को ‘ सिन्धु लिपि ‘ कहते हैं। ‘ सिन्धु लिपि ‘ को सिन्धु-सरस्वती लिपि और हड़प्पा लिपि भी कहते हैं । यह लिपि हड़प्पा सभ्यता के समय 26वीं शताब्दी ईसा पूर्व से 20वीं शताब्दी ईसा पूर्व तक परिपक्व रूप ले चुकी थी । इस सिन्धु लिपि में 64 मूल चिह्न और 250 से 400 तक चित्राक्षर ( Pictograph ) हैं । इनका अंकन सेलखड़ी की आयताकार मुहरों , ताम्बे की गुटिकाओं इत्यादि पर हुआ है । ‘ सिन्धु लिपि ‘ कि लिखावट दाईं से बाईं ओर है और इस लिखावट को ‘ बोस्ट्रोफेडन लिपि ‘ कहा जाता है । लिपि में सबसे ज्यादा प्रयोग ‘ U ‘ आकार का और सबसे ज्यादा प्रचलित चिह्न ‘ मछली ‘ का है । हड़प्पा लिपि का सबसे पुराना नमूना सन् 1853 में मिला था और सन् 1923 ई. तक पूरी लिपि प्रकाश में आ गई , लेकिन इसको अभी तक नहीं पढ़ा जा सका है ।

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है कि इस लेख में दी गई सभी जानकारी जैसे — हड़प्पा काल के लिपि और लेखन कला! ( Lipi Aur Lekhan Kala ) आदि प्रश्नों के उत्तर अच्छी तरह समझ गए होंगे । अगर आपका कोई सवाल या सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं. [धन्यवाद]

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